सर्पदंश होने पर जान बचाने का मात्र एक ही विकल्प,एंटीवेनम ही है जीवनरक्षक ,झाड़ फूंक ओझा के पास न करे समय बर्बाद, डॉ आयुष जायसवाल,

रायपुर/कोरिया:छत्तीसगढ के कई जिलों में बड़ी संख्या में सांप पाए जाते हैं, इनमें से कुछ जहरीले होते हैं तो कुछ बिना जहर वाले सामान्य सांप. बारिश के दिनों में अक्सर ये सांप बिल में पानी भर जाने के कारण रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं. कई बार इंसानों से सामना होने पर सांप उन्हें काट भी लेते हैं.

सांप काटने पर क्या करें और क्या नहीं करें
कोरिया जिला अस्पताल के डॉक्टर और सीएमएचओ डॉ आयुष जायसवाल कहते हैं कि सांप काटने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. डॉ आयुष कहते हैं कि सांप काटने का इलाज अस्पताल में संभव है. डॉ कहते हैं कि सांप काटे व्यक्ति को अगर समय पर इलाज मिले जाए तो उसकी जान बच सकती है. डॉ आयुष कहते हैं कि सांप काटे शख्स को झाड़ फूंक के लिए नहीं ले जाना चाहिए. अगर समय पर मरीज को एंटी वेनम इंजेक्शन मिल जाता है तो उसकी जान बचाई जा सकती है

एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन अस्पताल में मौजूद

कोरिया जिले में बड़ी संख्या में सांपों का रहवास है. बारिश के दिनों में यहां बड़ी संख्या में सांप निकलते हैं. हर साल बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं. जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें और झाड़-फूंक जैसी भ्रांतियों से बचें. डॉ. जायसवाल ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन उपलब्ध हैं.

मई में सर्पदंश के 16 केस मिले
जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल ने बताया कि मई माह में सर्पदंश के 16 मामले सामने आए, जिनमें 14 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हुए, जबकि 2 की मृत्यु हो गई. वहीं जून माह में 42 मामलों में सभी 42 मरीजों का सफल उपचार किया गया.

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सर्पदंश होने पर क्या करें
डॉ. आयुष जायसवाल ने बताया कि सर्पदंश होने पर सबसे पहले मरीज को शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें. काटे गए स्थान को साफ पानी से धोकर साफ कपड़े से ढंक दें, तंग कपड़े और आभूषण हटा दें तथा बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं.

 

सर्पदंश होने पर क्या न करें
डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या ओझा के पास जाने में समय बर्बाद न करें. काटे गए स्थान पर चीरा न लगाएं, जहर चूसने का प्रयास न करें और न ही रस्सी, कपड़ा या रूमाल कसकर बांधें. दर्द कम करने के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के पेनकिलर या शराब जैसी चीजों का सेवन भी नहीं कराना चाहिए.

बरसात में बरतें ये सावधानियां
डॉ. आयुष जायसवाल ने लोगों को सलाह दी कि सांप दिखाई देने पर उसे छेड़ने की कोशिश न करें. झाड़ियों या खेतों में हाथ-पैर डालने से पहले डंडे से जगह की जांच करें. रात में टॉर्च का उपयोग करें, घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, चूहों को पनपने न दें क्योंकि सांप उनकी ओर आकर्षित होते हैं. घर से बाहर निकलते समय जूते-चप्पल पहनें, जमीन पर सोने से बचें और मच्छरदानी का उपयोग करें. डॉ. आयुष जायसवाल ने कहा कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है। समय पर अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है.

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